
अकसर लोग मुझसे पूछते है की आख़िर इतिहास क्या है................इतिहास की किताबो मे कई परिभाषाए मिल जाती है ...लेकिन बापू की तो बात हीअलग है.........परिभाषा भी दे दी और सारी समस्याओ का हाल भी.....................हिस्टरी मे दुनिया के कोलाहल की कहानी ..............मिलेगीराजा लोग कैसे खेलता थे....कैसे खून करते थे..... कैसे बैर रखते थे......ये सब हिस्टरी मे मिलता है..............जब प्रेम, और सत्या कीधारा रुकती है तब इतिहास मे लिखा जाता है. दो भाई लड़ते तो इतिहास बनता है अख़बार मे छपता है. अगर दो भाई प्रेम पूर्वक खुशहाल जिंदगी जीरहे हो तो इतिहास नही बनता. हिस्टरी अस्वाभाविक बातो को दर्ज करती है...........................
No comments:
Post a Comment